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मंगलवार, 3 नवंबर 2015

निर्दोष ग्रामीणों के हक में निकाली रैली, नक्सली बताकर जेल भेजने का किया विरोध........


राज्यपाल के नाम तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन 
निर्दोष आदिवासियों को वारंटी नक्सली बताकर जेल भेजा जा रहा है। 
क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं, जहां एक ही परिवार के 3-4 लोगों को नक्सली बताकर जेल भेज दिया गया है। हालत यह है कि परिवार में बच्चे ही रह गए हैं। 
भास्कर न्यूज | बड़गांव शुक्रवार 31 /10 /2015 
निर्दोष ग्रामीणों को नक्सली बताकर जेल भेजने के खिलाफ ग्रामीणों ने शुक्रवार को रैली निकाली। रैली में सैकड़ों की संख्या में दूर-दराज से आए ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने तहसीलदार से मिलकर अपनी मांगों का ज्ञापन राज्यपाल के नाम सौंपा है। 
बड़गांव में निकाली गई रैली में 30 गांवों के सैकड़ों ग्रामीण शामिल हुए। क्षेत्र के आठ सरपंचों की अगुवाई में सैकड़ों लोग बड़गांव पहुंचे थे। ग्राम पंचायत भवन के सामने से रैली निकाली गई, जो मुख्य मार्ग से होकर गांधी चौक तक पहुंची। यहां राज्यपाल के नाम पखांजुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया। रैली में शामिल ग्रामीणों के अनुसार गांव में रहने वाले निर्दोष आदिवासियों को वारंटी नक्सली बताकर जेल भेजा जा रहा है। 
क्षेत्र के कई गांव ऐसे हैं, जहां एक ही परिवार के 3-4 लोगों को नक्सली बताकर जेल भेज दिया गया है। हालत यह है कि परिवार में बच्चे ही रह गए हैं। 
ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस गांव में रहने वालों को वारंट होने की बात कहकर थाने बुलाती है और नक्सली गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाते हुए जबरन जेल भेज देती है। ग्रामीणों की रैली के दौरान बढ़ती भीड़ को सम्भालने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए थे। 
पानी, बिजली, बोनस और बैंक खोलने की भी मांग ग्रामीणों ने सौंपे गए ज्ञापन में बड़गांव क्षेत्र को सूखाग्रस्त घोषित करने, रोजगार गारंटी का भुगतान नगद करने, बड़गांव में बैक खोलने, क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों में बिजली सुविधा उपलब्ध कराने, धान का बोनस 300 रुपए देने की भी मांग की है। ग्रामीणों ने बताया कि इलाके के 50 से अधिक गांवों में रहने वाले लोगों को बैंक में काम होने पर 30-40 किमी दूर कापसी या पखांजुर जाना पड़ता है। काम नहीं होने पर कई चक्कर लगाने पड़ते हैं। क्षेत्र के लोगों को बिजली की समस्या से रोज जूझना पड़ता है।