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रविवार, 1 नवंबर 2015

सरकार के नक्सल मोर्चे पर तैनात जवानो ने आदिवासी ग्रामीण महिलाओ के साथ शारीरिक यातना प्रतड़ना एवं बलात्कार को दिया अंजाम ..

घर में घुस कर सारे सामनो को फेक घर को तहस- नहस कर दिया गया ,

 40 से अधिक महिलाओं के साथ जानवरों की तरह पिटा गया , लगभग  7 से 10 महिलाओं के साथ शारीरिक यातना एवम् प्रताड़ना को अंजाम दिया गया, नदी में नहा रही गर्भवती महिला के साथ जबरिया बलात्कार का प्रयास किया गया, दुष्कृत को रोकने का प्रयास कर रही महिला को मारा-पिटा गया सारे कपडे छीन कर महिला को निह्वस्त्र कर पेटी कोर्ट में महिला अपने घर गई, महिलाओ को अर्धनग्न कर यातनाये दी गयी ।13 साल की नाबालिक लड़की जो गाय बैल चराने का काम करती थी बारी-बारी से बलात्कार को अंजाम दिया गया, बर्तन देने से मना करने पर बच्चे को दूध पिला रही महिला को बच्चे को छुडा कर उसके स्तनों के साथ दुष्कृत कर महिला के साथ लैंगिग अपराध को अंजाम दिया गया|  


                          चौकिये मत यह सब दुष्कृत्य को सरकार के नक्सल मोर्चे में तैनात जावानो ने अंजाम दिया है | पुरे मामले का खुलासा बस्तर के पत्रकार, महिला मंच, और सामजिक कार्यकर्ताओं ने किया है | 
 विभिन्न जन संघटनो, मंचो के द्वारा प्राप्त जानकारी के अनुसार बासागुडा थाना अंतर्ग्रत 20 से 25 तारीख को संयुक्त सर्चिग अभियान जिसमे crpf,कोबरा, और drg के जावन शामिल थे पैदागैलुर,गुड्गीचुरू,गुडम के आदिवासी समुदाय के ग्रामो में जावनो खूब उत्पात मचाते हुए महिलाओं के साथ बलात्कार, लैंगिग अपराध और ग्रामीणों के घरो को तोड़ दिया गया है,


हिला आधिकार मंच और सहेली के प्रतिनिधियों ने की ग्रामीणों से चर्चा में अपनी आप बीती सुनाई